*गोकुल जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलना—बक्सर और बिहार की ऐतिहासिक उपलब्धि : अश्विनी चौबे*

रविन्द्र कुमार, संपादक /नई दिल्ली/पटना/बक्सर/ भागलपुर , 28 सितम्बर 2025 :: पूर्व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री तथा बक्सर के पूर्व सांसद श्री अश्विनी कुमार चौबे ने गोकुल जलाशय एवं चम्पारण जलाशय को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट घोषित किए जाने पर क्षेत्र की जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
*बक्सर वासियो के लिए गर्व और संतोष का क्षण*
श्री चौबे ने कहा—“यह क्षण मेरे लिए अपार गर्व और भावनात्मक संतोष का है। जब मैं केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री था, तभी मैंने गोकुल जलाशय को Ramsar Convention के अंतर्गत शामिल कराने की पहल की थी। इसके लिए राज्य सरकार से प्रस्ताव मंगवाकर मंत्रालय को भेजा गया। साथ ही वर्ष 2023-24 में लगभग ₹62 करोड़ (₹6152.8 लाख) की Integrated Management Plan (IMP) को भी स्वीकृति दिलाई गई। यह मेरे संसदीय कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।”

₹62 करोड़ की Integrated Management Plan
गोकुल जलाशय के संरक्षण और विकास हेतु स्वीकृत योजना में निम्नलिखित प्रावधान किए गए थे—
*Institution & Governance – ₹1329.8 लाख
*Land & Water Management – ₹1051 लाख
*Conservation of Species & Habitat – ₹1860 लाख.
*Livelihood Promotion – ₹1912 लाख
कुल राशि – ₹6152.8 लाख

इस योजना का उद्देश्य गोकुल जलाशय की Ecological Restoration, Biodiversity Conservation, जल प्रबंधन और स्थानीय लोगों की आजीविका में सुधार करना है।
*गोकुल जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने का महत्व*
श्री चौबे ने कहा कि गोकुल जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने से—
*यहाँ की जैव विविधता को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी,
*पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी,
*पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे,
तथा बक्सर और आसपास के क्षेत्रों का सतत् विकास संभव होगा।
ñ
*श्री अश्विनी चौबे ने प्रधानमंत्री का जताया*
श्री चौबे ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उस संदेश का स्वागत किया जिसमें उन्होंने बिहार और बक्सर की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा—
“प्रधानमंत्री जी का आशीर्वाद और मार्गदर्शन ही इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रमुख आधार है। इससे बक्सर के लोगों का आत्मविश्वास और गर्व और अधिक सशक्त हुआ है।”

अंत में श्री चौबे ने कहा कि अपने संसदीय कार्यकाल में मैंने बक्सर की पर्यावरणीय, सांस्कृतिक और विकासात्मक पहचान को मजबूत करने का सतत प्रयास किया है। गोकुल जलाशय का यह अंतर्राष्ट्रीय दर्जा न केवल बक्सर बल्कि पूरे बिहार की प्रतिष्ठा को ऊँचाई देगा। भविष्य में भी मैं क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, आजीविका और विकास कार्यों के लिए निरंतर प्रयासरत रहूँगा।
#गोकुलजलाशय #रामसरसाइट #बक्सर #बिहार #पर्यावरणसंरक्षण #जैवविविधता #चम्पारणजलाशय #SustainableDevelopment #अश्विनिचौबे #प्रधानमंत्रीमोदी #जलप्रबंधन #IntegratedManagementPlan
Author Profile
-
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
मो .9304238302
Latest entries
मनोरंजनAugust 31, 2026*ग्लैमर से चिकित्सा तक: मिस इंडिया कॉन्टिनेंट 2024 अंशिका राय ने व्यक्तिगत क्षति को बनाया जीवन का उद्देश्य*
सम्मानAugust 31, 2026*’यंगेस्ट फीमेल मिनी मॉडल’ बनीं पटना की लाडो बानी, समाजसेवा और कला से वैश्विक मंच पर लहराया परचम*
अध्यात्मAugust 31, 2026*विहिप का मौलाना मदनी पर तीखा प्रहार: विनोद बंसल बोले– “कट्टरपंथी मानसिकता को संरक्षण देना बंद करें उलेमा”*
अध्यात्मAugust 28, 2026*रक्षा-बंधन : भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते से विस्तृत होकर ‘परस्पर सशक्तिकरण’ तक बदलती सामाजिक चेतना*
