*सांसद रवि किशन बने अयोध्या की रामलीला के ‘राम’: भावुक होकर बोले—”यह जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य”*

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#न्यूज़हाईलाइट्स:
👍अयोध्या रामलीला में अभिनय: गोरखपुर से बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन अयोध्या की रामलीला में पहली बार भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं।
👍सौभाग्य और भावुकता: भगवान राम का किरदार निभाने का अवसर मिलने पर रवि किशन ने इसे अपने जीवन का परम सौभाग्य बताया और भावुक नजर आए।
👍युवाओं को खास संदेश: युवाओं से भगवान राम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की अपील की।
👍डिप्रेशन और आध्यात्म पर विचार: मानसिक तनाव और मुश्किल दौर से निपटने के लिए आध्यात्म, ध्यान और आस्था को मजबूती का सबसे बड़ा जरिया बताया।
👍सकारात्मकता पर जोर: जीवन की हर चुनौती का सामना उम्मीद और सकारात्मक सोच के साथ करने का संदेश दिया।

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रविन्द्र कुमार, संपादक /पटना/अयोध्या/21 अक्टूबर 2026 :: भोजपुरी सिनेमा से लेकर बॉलीवुड और भारतीय राजनीति तक अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले लोकप्रिय अभिनेता एवं गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रवि किशन इन दिनों एक खास और आध्यात्मिक वजह से चर्चा में हैं। रवि किशन को अयोध्या की ऐतिहासिक रामलीला में पहली बार ‘भगवान राम’ की भूमिका निभाने का अवसर मिला है। इस प्रतिष्ठित किरदार को पर्दे पर जीवंत करने का मौका मिलने पर वह बेहद भावुक हो गए और उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य करार दिया।

रामलीला के मंचन के दौरान रवि किशन ने आज की युवा पीढ़ी को एक बेहद प्रेरणादायक संदेश भी दिया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भगवान राम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के जीवन चरित्र से गहरी सीख लें। उनका मानना है कि इन महान चरित्रों के आदर्श और मूल्य इंसान को विपरीत एवं कठिन परिस्थितियों में भी सही और धर्म का मार्ग चुनने की प्रेरणा देते हैं।

जिंदगी के संघर्षों और डिप्रेशन (अवसाद) जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर बात करते हुए सांसद रवि किशन ने आध्यात्मिकता के महत्व पर जोर दिया। उनके अनुसार, जीवन के किसी भी मुश्किल दौर में आध्यात्म, ध्यान (Meditation) और ईश्वर में आस्था इंसान को मानसिक मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से घबराने के बजाय उम्मीद और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखना ही सच्चे इंसान की पहचान है।

भगवान राम के रूप में रवि किशन का यह मनमोहक और भव्य रूप उनके प्रशंसकों के लिए भी एक बेहद अनूठा और भावनात्मक अनुभव बन गया है।

🌹*संपादकीय टिप्पणी*🌹
**बदलाव और आस्था का अनूठा संगम**
राजनीति और सिनेमा की चकाचौंध से परे, जब कोई जनप्रनिधि अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्म से गहराई से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव समाज पर दूरगामी होता है। रवि किशन का अयोध्या की रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभाना महज एक अभिनय नहीं, बल्कि कला और आस्था का एक सुंदर समन्वय है। आज के इस दौर में, जब युवा पीढ़ी तनाव, डिप्रेशन और मानसिक विकर्षणों से जूझ रही है, तब एक लोकप्रिय हस्ती द्वारा आध्यात्म, ध्यान और पौराणिक चरित्रों के आदर्शों को प्रासंगिक बताना बेहद सराहनीय कदम है। यह संदेश युवाओं को न केवल अपनी संस्कृति से जोड़ेगा, बल्कि उन्हें कठिन समय में मानसिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा भी देगा।
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