September 23, 2026

*अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को: 14 गांठों के ‘अनंत सूत्र’ से मिलती है संकटों से मुक्ति, वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक जितेंद्र कुमार सिंहा से जानिये शुभ मुहूर्त और पौराणिक महत्व*

🌹==========================🌹

​ #न्यूज़हाईलाइट्स:

​👍​पर्व की तिथि: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी (25 सितंबर) को मनाया जाएगा अनंत चतुर्दशी का पर्व।

👍​शुभ मुहूर्त: 24 सितंबर रात 11:18 बजे से चतुर्दशी तिथि शुरू; 25 सितंबर को सुबह 6:28 बजे से रात 11:06 बजे तक पूजा का शुभ समय।

👍​अनंत सूत्र का महत्व: पूजा के बाद 14 गांठों वाला धागा (पुरुष दाहिनी और महिलाएं बाईं भुजा पर) धारण करने की परंपरा।

👍​14 लोकों का प्रतीक: 14 गांठें ब्रह्मांड के 14 लोकों (अतल, वितल, सुतल, भू, स्वः आदि) का प्रतिनिधित्व करती हैं।

👍​पौराणिक संदर्भ: महाभारत काल में पांडवों ने श्रीकृष्ण की सलाह पर खोया राज्य पुनः प्राप्त करने के लिए किया था यह व्रत।

​मूल संदेश: विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, संयम, सत्य और ईश्वर-समर्पण बनाए रखने का आध्यात्मिक व सामाजिक पर्व।

🌹==========================🌹

जितेंद्र कुमार सिन्हा /​पटना, 22 सितंबर 2026 :: भारतीय सनातन परंपरा में भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाने वाला ‘अनंत चतुर्दशी’ पर्व केवल कर्मकांड तक सीमित न होकर जीवन को संतुलित और अनुशासित करने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्व है। यह दिन सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु के ‘अनंत स्वरूप’ (जिसका न आदि है और न अंत) की आराधना को समर्पित है।

​👍*तिथि एवं पूजा का शुभ मुहूर्त*

​पंचांग गणना के अनुसार, चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:18 बजे से प्रारंभ होकर 25 सितंबर की रात 11:06 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के नियम के तहत व्रत और पूजन 25 सितंबर को ही संपन्न किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए पूजा का शुभ समय सुबह 6:28 बजे से रात 11:06 बजे तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु स्नान-ध्यान के बाद स्वच्छ स्थान पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से कथा श्रवण व पूजन करेंगे।

See also  *पीएम नरेन्द्र मोदी ने गोवा के गोकर्ण मठ में किया भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण*

​👍*14 गांठों वाले ‘अनंत सूत्र’ का दार्शनिक महत्व*

​अनंत चतुर्दशी पूजा का मुख्य आकर्षण 14 गांठों वाला सूती ‘अनंत सूत्र’ होता है। पूजनोपरांत इस पवित्र सूत्र को पुरुष अपनी दाहिनी भुजा और महिलाएं बाईं भुजा में धारण करती हैं। दार्शनिक मान्यताओं के अनुसार, ये 14 गांठें ब्रह्मांड के 14 लोकों का प्रतिनिधित्व करती हैं:

​अधोलोक (7): अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

​ऊर्ध्वलोक (7): भू, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः और सत्य।

​यह सूत्र मनुष्य को यह स्मरण कराता है कि उसकी व्यक्तिगत सत्ता इस विशाल ब्रह्मांडीय व्यवस्था का ही एक हिस्सा है, और उसके विचार व आचरण धर्मानुकूल होने चाहिए।

​👍*पौराणिक संदर्भ: पांडवों का वनवास और श्रीकृष्ण का मार्गदर्शन*

​अनंत चतुर्दशी की सबसे प्रचलित कथा महाभारत से जुड़ी है। द्यूत क्रीड़ा में सब कुछ हारकर जब पांडव वनवास में कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को अनंत चतुर्दशी व्रत रखने का परामर्श दिया था। विधिपूर्वक अनंत व्रत करने के परिणामस्वरूप पांडवों को अपना खोया हुआ राज्य और वैभव वापस प्राप्त हुआ। यह कथा सिखाती है कि घोर संकट के समय भी धैर्य, आस्था और कर्तव्यपथ से विचलित नहीं होना चाहिए।

​👍*सामाजिक और आधुनिक संदर्भ में सार्थकता*

​आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और आर्थिक-सामाजिक दबावों के बीच यह पर्व व्यक्ति को ठहरकर आत्मचिंतन करने का अवसर देता है। यह पर्व पारिवारिक एकजुटता को बढ़ावा देता है, जहाँ बुजुर्ग अगली पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जोड़ते हैं।

🌹*​संपादकीय टिप्पणी*🌹

​अनंत चतुर्दशी का पर्व हमें याद दिलाता है कि परिवर्तनशील संसार में संपत्ति, पद और परिस्थितियां कभी भी स्थायी नहीं होतीं। मनुष्य अक्सर अस्थायी चीजों में स्थायित्व तलाशने की भूल करता है, जिससे जीवन में निराशा आती है। ऐसे में ‘अनंत सूत्र’ केवल हाथ में बांधा जाने वाला एक धागा नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर संयम, सत्य और करुणा को बांधने का एक संकल्प-पत्र है। पांडवों के संघर्ष से लेकर आज के दौर की चुनौतियों तक, इस पर्व का मूल तत्व यही है कि स्थितियां चाहे जितनी भी विपरीत हों, मनुष्य को अपने नैतिक मूल्यों और धैर्य का धागा कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

See also  *समाज की सज्जन शक्ति का साथ लेकर भारत को परम वैभव तक पहुंचाएंगे : विनोद बंसल*

​#AnantChaturdashi #AnantChaturdashi2026 #LordVishnu #AnantSutra #SanatanDharma #SpiritualFestivals #FestivalNews

#सूचनाएवंजनसंपर्कविभागबिहार

#biharnews18 @follower @nonfollower

Author Profile

रविन्द्र कुमार
रविन्द्र कुमार
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
मो .9304238302

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *