June 14, 2026

*आज दुनिया के हजारों लाखों लोग उनके 68 वे अवतरण दिवस को बड़े ही प्रेम से मना रहा है*

रविंद्र कुमार , संपादक / नई दिल्ली /10 दिसंबर 2025 :: अंतरराष्ट्रीय वक्ता और लेखक प्रेम रावत ने दशकों से आंतरिक शांति और आत्म‑ज्ञान के सरल, व्यावहारिक संदेश के माध्यम से दुनियाभर में करोड़ों लोगों को प्रेरित किया है।

हरिद्वार में 10 दिसंबर 1957 को जन्मे रावत ने कम उम्र से ही आध्यात्मिक प्रवचनों की जिम्मेदारी संभाली और आज वे 100 से अधिक देशों में लोगों को ध्यान (ज्ञान) के माध्यम से व्यक्तिगत शांति खोजने के लिए प्रेरित करते हैं।

आज 10 दिसंबर है और श्री प्रेम रावत जी का 68 वां अवतरण दिवस है… आज दुनिया के हजारों लाखों लोग उनके अवतरण दिवस को बड़े ही प्रेम से मना रहा है.

**जन्म‑और‑प्रारंभिक जीवन :: प्रेम रावत का जन्म 10 दिसंबर, 1957 को हरिद्वार हुआ। पिता हंस जी महाराज के मार्गदर्शन में वे तीन साल की उम्र से प्रवचन देने लगे और आठ साल की आयु में पिता के देहांत के बाद आध्यात्मिक कार्यों को आगे बढ़ाया।

**शिक्षा‑संदेश और कार्यशैली :: रावत का मुख्य संदेश यह है कि सच्ची शांति बाहरी परिस्थितियों में नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर है; इसे वे ‘ज्ञान’ नामक ध्यान अभ्यास के माध्यम से सिखाते हैं। उनका शिक्षण सरल, अनुभवजन्य और अनुप्रयोगोन्मुखी होता है — बिना जटिल सिद्धांतों के, व्यक्तिगत अनुभव और अभ्यास पर जोर दिया जाता है। इसके कारण उनके कार्यक्रम नेताओं, कैदियों, विद्यार्थियों और आम जन तक समान रूप से पहुँचते हैं।

**वैश्विक प्रभाव और मंच :: प्रेम रावत ने संयुक्त राष्ट्र, संसद, विश्वविद्यालयों और जेलों जैसे विविध मंचों पर भाषण दिए हैं और उनकी शिक्षाएँ 70 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध हैं। उनके प्रवचनों और कार्यक्रमों ने अनेक देशों में शांति‑और‑आत्म‑विकास के प्रयासों को प्रेरित किया है।

See also  विश्व हिन्दू परिषद् के विराट संत सम्मेलन से हिन्दू समाज की एकजूटता का संदेश

**समाजसेवा और फाउंडेशन :: उन्होंने ‘प्रेम रावत फाउंडेशन’ (TPRF) की स्थापना की, जो भोजन, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से मानवता‑उन्मुख पहलें चलाता है; इन पहलों में ‘फूड फॉर पीपल’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

**पुरस्कार और मान्यताएँ :: रावत को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया है — मानद डॉक्टरेट, ब्रांड लॉरिएट लाइफटाइम अचीवमेंट (2012), कई शहरों से ‘चाबी’—और ब्राज़ीलियन टेलीविजन पुरस्कार उनके शांति‑कार्य के सम्मान में दिए गए। उनकी पुस्तकों और सार्वजनिक कार्यक्रमों ने कई बार रिकॉर्डिंग और सामुदायिक पहलों के जरिए व्यापक पहुंच बनाई है।

**शिक्षा का सार और विधि :: रावत की शिक्षा का केंद्र बिंदु व्यक्तिगत चुनाव, आंतरिक संसाधन और प्रत्यक्ष अनुभव है। वे ‘ज्ञान’ अभ्यास के जरिए ध्यान एवं आत्म‑अनुभव पर बल देते हैं, जिससे लोग फोकस, स्पष्टता और मानसिक संतुलन प्राप्त कर सकें। उनका संदेश अनुयायियों को आत्म‑उत्तरदायित्व, शांति‑अनुभव और सहानुभूति की ओर प्रेरित करता है।

**सारांश: प्रेम रावत एक ऐसे वक्ता‑नेता माने जाते हैं जिन्होंने नियमित धर्मनिरपेक्ष मंचों से हटकर शांति की शिक्षा को सरल, व्यक्तिगत और व्यवहारिक रूप दिया है; उनकी वैश्विक पहुँच, सेवा‑कार्य और पुरस्कारों ने उन्हें समकालीन शांति‑दूत के रूप में स्थापित किया है।

#प्रेम_रावत #आत्म_ज्ञान #ज्ञान_ध्यान #शांति_दूत #TPRF #आंतरिक_शांति

Author Profile

रविन्द्र कुमार
रविन्द्र कुमार
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
मो .9304238302
Latest entries
See also  प. बंगाल के मुर्शिदाबाद घटना की हो एनआईए से जांच : आलोक कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *