April 21, 2026

*कॉर्पोरेट जगत में ‘धर्मांतरण और शोषण’ के सिंडिकेट पर विहिप आक्रामक; फिक्की-नैसकॉम समेत दिग्गज संगठनों को चेतावनी*

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​ #न्यूज़हाईलाइट्स:

विहिप की बड़ी कार्रवाई: फिक्की, सीआईआई और नैसकॉम समेत कई दिग्गज व्यापारिक निकायों को भेजा गया कड़ा पत्र।

​गंभीर आरोप: टीसीएस नासिक मामले को बताया “टार्गेटेड कन्वर्जन” का हिस्सा; विदेशी फंडिंग और आतंकी सांठगांठ की जताई आशंका।

​शोषण का पैटर्न: जबरन खान-पान में बदलाव, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण जैसे कृत्यों पर लगाम लगाने की मांग।

​अल्टीमेटम: कॉर्पोरेट प्रबंधन अपनी ‘मौन भागीदारी’ बंद करे, वरना विहिप करेगी कानूनी हस्तक्षेप।

​भर्ती प्रक्रिया: एचआर विभागों की कार्यप्रणाली और नियुक्तियों की सघन जांच की आवश्यकता पर बल।

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रविंद्र कुमार,संपादक/​नई दिल्ली /21 अप्रैल, 2026 ::

​विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कॉर्पोरेट जगत में महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थलों पर बढ़ते ‘धार्मिक कट्टरपंथ’ को लेकर एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। विहिप के केंद्रीय महासचिव बजरंग बागड़ा ने देश के शीर्ष व्यापारिक संगठनों—FICCI, CII, ASSOCHAM, NASSCOM और PHDCCI को एक पत्र लिखकर कॉर्पोरेट कार्यप्रणाली में आमूल-चूल सुधार की मांग की है।

*​टीसीएस नासिक मामला: विहिप ने लगाए गंभीर आरोप*

​विहिप ने नासिक स्थित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में सामने आए हालिया घटनाक्रमों को देश की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया है। बागड़ा ने आरोप लगाया कि यह केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि एक “सुनियोजित और विदेशी फंडिंग से संचालित षड्यंत्र” है।

​प्रेस विज्ञप्ति के मुख्य बिंदु:

*​शिकारी नेटवर्क का खुलासा*: विहिप का दावा है कि एक विशेष समुदाय के पुरुष कर्मचारी ‘शिकारी’ की भूमिका निभा रहे हैं, जो महिला और पुरुष कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।

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*​HR विभाग की संदिग्ध भूमिका*: आरोप है कि कंपनियों के कार्मिक अधिकारी (HR) ऐसे कट्टरपंथियों को प्रश्रय दे रहे हैं और जानबूझकर ऐसी नियुक्तियां कर रहे हैं जिससे शोषण आसान हो सके।

*​जघन्य कृत्य*: पत्र में दावा किया गया है कि महिला कर्मचारियों को जबरन बीफ खिलाने, ब्लैकमेल करने और बलात्कार जैसे कृत्यों के माध्यम से धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जा रहा है।

*​कॉर्पोरेट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप*

​बजरंग बागड़ा ने तीखे लहजे में कहा कि टीसीएस जैसे बड़े संस्थानों का प्रबंधन कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH) कानूनों को लागू करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा, “प्रबंधन की चुप्पी उन्हें इन अपराधों का मौन भागीदार बनाती है। शिकायतों की अनदेखी ने अपराधियों के हौसले बुलंद किए हैं।”

*​भर्ती नीति पर ‘अतिरिक्त सतर्कता’ की सलाह*

​विहिप ने व्यावसायिक संघों से अपील की है कि वे अपनी सदस्य कंपनियों को एक विशेष समुदाय से आने वाले उम्मीदवारों की भर्ती और उनकी बैकग्राउंड जांच (Background Check) को लेकर अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दें। विशेषकर एचआर विभाग में नियुक्तियों की समीक्षा करने पर जोर दिया गया है।

*​”संवैधानिक कार्रवाई के लिए तैयार रहें”*

​विहिप महासचिव ने चेतावनी दी है कि यदि कॉर्पोरेट जगत ने अपनी नीतियों में तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो परिषद संवैधानिक और कानूनी उपायों का सहारा लेने के लिए विवश होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की संस्कृति और बेटियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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रविन्द्र कुमार
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