राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने असम में जुबिन गर्ग की समाधि पर दी श्रद्धांजलि*

तिलक चंद्र प्रसाद /सोनापुर (असम), 28 दिसंबर 2025 :: निर्दलीय सांसद पूर्णिया राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को असम के प्रसिद्ध लोक गायक जुबिन गर्ग की समाधि पर शीश नवाया।
सोनापुर के जुबिन क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने दिवंगत कलाकार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। यादव ने कहा, “जुबिन गर्ग केवल कलाकार नहीं, असम की आत्मा थे। उनकी आवाज में असम की पीड़ा, प्रेम और स्वाभिमान बसा था।”

******जुबिन गर्ग की विरासत******
जुबिन गर्ग असमिया लोक संगीत के स्तंभ थे। उनकी गीतों ने बोडो, मिशिंगी और अन्य आदिवासी संस्कृतियों को मुख्यधारा से जोड़ा। ‘ओ मुर आविशापोर’, ‘अनिमिया भानिमा’ जैसे लोकप्रिय गीत आज भी असम में गूंजते हैं। 48 वर्ष की आयु में निधन के बाद उनकी स्मृति में सोनापुर में समाधि स्थापित की गई। स्थानीय लोग उन्हें ‘असम का लोरिका’ कहते हैं.

****भावुक श्रद्धांजलि***
समाधि स्थल पर पप्पू यादव ने कहा, “कदम रखते ही लगा उनकी आत्मा जीवंत है—हवा में उनके सुर, मिट्टी में संघर्ष और लोगों की आंखों में प्रेम। कुछ व्यक्तित्व कभी विदा नहीं होते।” उन्होंने असम की मिट्टी को गर्व का उल्लेख किया। कार्यक्रम में स्थानीय संगीतकार और प्रशंसक उपस्थित रहे, जिन्होंने जुबिन के गीत गाकर स्मृति को जीवंत किया।

यह दौरा बिहार-असम सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक है। अवसर पर पप्पू यादव ने जुबिन गर्ग के नाम पर युवा कलाकारों को प्रोत्साहन देने की घोषणा भी की।

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