April 18, 2026

*वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ सभी भारतीय को वंदे मातरम का गान व भारत माता की जय बोलना चाहिए*

**रविंद्र कुमार, संपादक/पटना, 07 नवंबर 2025:** बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के गरमाते माहौल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने वंदे मातरम और भारत माता की जय न बोलने वालों पर विवादास्पद बयान देकर सियासी हलकों में हंगामा मचा दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग दिन में पांच बार नमाज अदा करते हुए देश की पावन धरती पर माथा टेकते हैं, घुटने मोड़ते हैं और यहां तक कि नाक रगड़कर सजदा करते हैं, वे फिर भी वंदे मातरम का गान करने से इंकार कर देते हैं या भारत माता की जयकारा लगाने से कतराते हैं। “यह कैसा दुर्भाग्य है कि मां भूमि को नमन करने वाले ही उसकी जय नहीं बोलेंगे?”—बंसल ने सवाल दागा।

बंसल ने अपने बयान को और विस्तार देते हुए धार्मिक प्रथाओं पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “सूर्य देवता से ऊर्जा ग्रहण करते हो, उनके ताप और प्रकाश का लाभ उठाते हो, लेकिन सूर्य नमस्कार जैसी सरल प्रथा को क्यों ठुकराते हो? क्या किसी धर्म की मूल शिक्षाएं इतनी संकीर्ण हो सकती हैं? अगर हां, तो क्या दुनिया का कोई तटस्थ व्यक्ति इसे सच्चा धर्म मान लेगा?” VHP प्रवक्ता ने भारतीय परंपराओं के साथ तुलना की, जहां सूर्य पूजा हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग है, और मुस्लिम समुदाय पर सवाल उठाया कि वे सूर्य की ऊर्जा लेते हुए भी योगिक अभ्यास से दूर क्यों रहते हैं।

बंसल ने आगे भारतीय संदर्भों को जोड़ते हुए कहा, “भारत की सरजमीं पर रहकर अगर आपका मजहब वंदे मातरम गाने या भारत माता की जय बोलने की मनाही करता है, तो पूरे देश में बिखरी असंख्य पीर-फकीरों की मजारें, दरगाहें और कब्रिस्तान क्यों बने हुए हैं? उन पर चादर चढ़ाने, अगरबत्ती जलाने, धूप दिखाने और फातिहा पढ़ने का रिवाज क्यों निभाते हो? क्या यह भी देश की धरती का सम्मान नहीं?” उनका यह बयान सूफी परंपराओं और लोकल धार्मिक स्थलों पर आधारित प्रथाओं को निशाने पर लेता नजर आया, जो सदियों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही हैं।

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आज वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर मनाए जा रहे इस विशेष अवसर पर बंसल ने देशवासियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक दिन पर हर भारतीय—चाहे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का हो—अपनी जिहादी या देश-विरोधी मानसिकता को तुरंत त्याग दे। कम से कम एक बार वंदे मातरम का गान करें और भारत माता की जय बोलें। यह राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जो स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है।” लेकिन चेतावनी भी दी: “अगर ऐसा नहीं किया, तो देश के असंख्य देशभक्त नागरिक खुद तय कर लेंगे कि ऐसे असहयोगी तत्वों के साथ क्या व्यवहार करना है।” VHP कार्यकर्ता इस अपील को सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं, जहां #VandeMatram150 ट्रेंड कर रहा है।

यह बयान बिहार चुनाव के संवेदनशील दौर में आया है, जहां पहले चरण का मतदान साइलेंट वोटर्स के साथ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुका है। VHP का यह रुख हिंदुत्व एजेंडे को मजबूत करने और धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है। विपक्षी दल, खासकर RJD और कांग्रेस, ने इसे सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाला करार दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद बिहार के मुस्लिम-बहुल इलाकों में असर डाल सकता है, जहां वोटिंग पैटर्न बदल सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों में वंदे मातरम को अनिवार्य न करने की बात कही गई है, लेकिन राष्ट्रगान पर एकरूपता की बहस फिर से जोर पकड़ रही है। क्या यह चुनावी माहौल को और गरमाएगा, या जनता साइलेंट वोट से जवाब देगी? हलचल जारी है।

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रविन्द्र कुमार
रविन्द्र कुमार
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
मो .9304238302

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