April 18, 2026

*श्री बलभद्र पूजनोत्सव में बिहार के अलावे देश के अन्य प्रदेशों से भी बलभद्र वंशी पटना पहुंचे थे, बड़ा ही भव्य आयोजन हुआ*

रविंद्र कुमार,संपादक/पटना 31 अगस्त 2025 :: अखिल भारतीय ब्याहुत कलवार महासभा के तत्वधान में 5252 वां श्री बलभद्र जयंती के उपलक्ष्य में 37 वां श्री बलभद्र पूजनोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया.


यह आयोजन आज 31अगस्त 2025 (रविवार) क़ो महाराना प्रताप भवन,आर्य कुमार रोड, पटना में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रदेशों से आये हजारों बलभद्र वंशियों ने भाग लिया।


भगवान श्री बलभद्र पुजनोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री तार किशोर प्रसाद, डिप्टी सीएम बिहार, श्री विनोद कुमार जायसवाल, माननीय विधान परिषद, सिवान, सीता साहू, मेयर पटना महासभा के पदाधिकारी गण श्री दिनेश कुमार भगत, श्री रौशन कुमार गुप्ता, श्री गणेश कुमार भगत, श्रीमती स्नेह लता देवी, श्री सुशील कुमार ब्याहूत, श्री अमित कुमार ब्याहूत ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.

भगवान श्री बलभद्र पूजा करने के उपरांत बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री तार किशोर प्रसाद ने पूजनोत्सव मे आये बलभद्र वंशियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बलभद्र की भक्ति से समाज में भाईचारा बढ़ता है और हम सबको मिल-जुलकर विकास की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।

युवाओं को शिक्षा और संस्कारों पर फोकस करना चाहिए ताकि वे अपने समुदाय और देश के उज्जवल भविष्य में योगदान दे सकें।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। साथ ही, उन्होंने कहा किआज समाज में महिलाओं की भागीदारी से समाज को और मजबूती मिली है।

See also  अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने सम्पूर्ण विश्व में एक नवीन चेतना व ऊर्जा का संचार किया है- डॉ सुरेंद्र जैन

अन्य अतिथियों ने भी इस अवसर पर भगवान बलभद्र के सम्मान और सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करते हैं और नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं।

भगवान श्री बलभद्र बलभद्र वंशियों के देवता हैं। 5 हजार वर्ष से भी अधिक पुराना भगवान श्री बलभद्र जी की जयंती का इतिहास रहा है। भगवान श्री बलभद्र किसानों के भी पूजनीय हैं । उन्हें हलधर भी कहा जाता है। भगवान श्री बलभद्र विश्व के श्रेष्ठतम गदाधारी थे । बलभद्र वंशियों में बान की प्रथा है।

इस बान प्रथा क़ो 5 हजार से भी अधिक वर्षों से बलभद्र वंशी निभाते आ रहे है। बलभद्र वंशी में बान प्रथा का वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी है , जिसकी चर्चा आज DNA के रूप में भी की जाती है। यह भी उल्लेखनीय है कि बलभद्र वंशी महिलाये विशेष कर जयंती के अवसर पर व्रत रखकर अपने संतानों के दीर्घायु होने की कामना करती है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत श्री बलभद्र पूजन, प्रीति भोज वैवाहिक परिचय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संस्कृति कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से एक भक्ति पूर्ण गीत संगीत के द्वारा लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने भी अपने नृत्य से लोगों का मन मोह लिया.
इस पूजन उत्सव में दो हजार से भी अधिक बलभद्रवंशी बलभद्र पूजन उत्सव में शामिल हुये थे,

अखिल भारतीय वियाहुत कलवार महासभा के दिनेश कुमार भगत, रौशन कुमार गुप्ता, गणेश कुमार भगत, श्रीमती स्नेह लता देवी, सुशील कुमार ब्याहूत, अमित कुमार ब्याहूत आदि पदाधिकारी के लगन और मेहनत से श्री बलभद्र पूजनोत्सव का आयोजन बहुत ही भव्य तरीके से संपन्न हुआ.

See also  सनातन गुरु परंपरा में स्वामी शिवानंद सरस्वती के परम शिष्य हैं — स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती

संपर्क सूत्र =अखिल भारतीय वियाहुत कलवार महासभा प्रधान कार्यालयरू 203, आशियाना विहार अपार्टमेंट, राजेन्द्र पथ, पटना- 800001.मो. 9430812042/079911 93962.


#अखिलभारतीयब्याहुतकलवारमहासभा #पटना #तारकिशोरप्रसाद, #विनोदकुमारजायसवाल #सीतासाहू,
#दिनेशकुमारभगत,#रौशनकुमारगुप्ता, #गणेशकुमारभगत, #स्नेहलतादेवी, #सुशीलकुमारब्याहूत, #अमितकुमारब्याहूत

Author Profile

रविन्द्र कुमार
रविन्द्र कुमार
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
मो .9304238302

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *