*CBSE के चेयरमैन श्री राहुल सिंह को पत्र के माध्यम से इस आदेश क़ो रद्द करने का आग्रह किया गया*

पटना/ 30 अगस्त 2025 :: कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए अपार आईडी अनिवार्यता पर प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन आपत्ति जताई एवं CBSE के चेयरमैन श्री राहुल सिंह को पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि अविलंब इस आदेश को रद्द करें एवं लाखों बच्चों को परीक्षा से वंचित होने से बचाएं।

प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा जारी हालिया निर्देश पर गंभीर आपत्ति जताई है। यह निर्देश, जो कि सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज द्वारा पत्र संख्या CBSE/LOC/X-XII/2025-26/ दिनांक 27.08.2025 के माध्यम से जारी किया गया है, कक्षा 10वीं एवं 12वीं के सभी विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी (APAR ID) को अनिवार्य बनाता है।
इस संदर्भ में एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने CBSE के चेयरमैन श्री राहुल सिंह को पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि अविलंब इस आदेश को रद्द करें एवं लाखों बच्चों को परीक्षा से वंचित होने से बचाएं।

आज पटना के समनपुरा राजा बाजार स्थित एसोसिएशन के प्रधान कार्यालय मे एक प्रेस वार्ता के माध्यम से एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने बयान दिया के यह आदेश व्यावहारिक दृष्टि से संभव नहीं है और इससे विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में अत्यधिक असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा होगी। आज की स्थिति यह है कि पूरे देश में केवल 20–30 प्रतिशत विद्यार्थियों की ही APAR आईडी तैयार हो पाई है, जबकि शेष अधिकांश विद्यार्थियों की आईडी शिक्षा विभाग की प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण अब तक नहीं बन सकी है।

यदि इस आदेश को तुरंत लागू किया गया तो लाखों विद्यार्थियों का पंजीकरण अधर में लटक जाएगा और वे बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाएंगे। यह न केवल बच्चों के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि विद्यालयों और अभिभावकों पर भी अनावश्यक बोझ डालेगा।

विद्यालय पहले से ही विभिन्न औपचारिकताओं को समय-सीमा में पूरा करने के दबाव में हैं। ऐसे में APAR आईडी को अनिवार्य करना इस समय छात्रों और संस्थानों दोनों के लिए ‘अतिरिक्त सिरदर्द साबित होगा। हमारी अपील है कि CBSE निदेशक इस आदेश को तत्काल वापस लें और विद्यार्थियों को राहत प्रदान करें। भविष्य में यदि इसे लागू करना ही है तो इसे चरणबद्ध तरीके से, पर्याप्त समय और सुविधा उपलब्ध ६ ही लागू किया जाए। इससे विद्यार्थियों को परेशानी से बचाया जा सकेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।”

एसोसिएशन की माँग: प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने मांग की है कि:
1. APAR आईडी की अनिवार्यता को तत्काल वापस लिया जाए।
2. विद्यालयों व अभिभावकों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र में राहत दी जाए।
3. यदि आवश्यक हो तो भविष्य के सत्रों में इसे पायलट प्रोजेक्ट या चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों की सुविधा और कल्याण के लिए है, न कि उनके लिए नई बाधाएँ खड़ी करने के लिए।
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