*गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि 26 जुलाई, शहरी क्षेत्रों में जागरूकता रथों के माध्यम से अभियान को दी जा रही गति*

विजय सिंह/ पटना/23 जुलाई 2025 :: विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि 26 जुलाई निर्धारित की गई है।
इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अभ्यास में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम सहभागिता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कार्यालय द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि शहरी मतदाता भी सक्रिय रूप से इस प्रक्रिया में भाग लें और कोई भी योग्य मतदाता गणना प्रपत्र भरने से वंचित न रह जाए।

इसी क्रम में मंगलवार को राजधानी पटना के नगरीय क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मोबाइल जागरूकता रथों को रवाना किया गया। इन रथों में मतदाताओं को गणना प्रपत्र की जानकारी देने के साथ-साथ गणना प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिक इन्हें मौके पर ही प्राप्त कर भर सकें।

इन जागरूकता रथों को निर्वाचन विभाग के अपर सचिव श्री माधव कुमार सिंह एवं संयुक्त सचिव श्री मिथिलेश कुमार साहू ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर स्वीप नोडल पदाधिकारी श्री कपिल शर्मा, जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रंजीत रंजन, उप सचिव श्री किशोर कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार, दिव्यांशी श्रीवास्तव, प्रियदर्शी पाल एवं विभाग तथा नगर निगम के अन्य कर्मी उपस्थित थे।

निर्वाचन विभाग ने आम मतदाताओं से अपील की है कि वे 26 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले अपना गणना प्रपत्र अवश्य भरें और यदि किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता हो, तो 1950 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

#विशेषगहनपुनरीक्षणअभियान #मुख्यनिर्वाचनपदाधिकारी,
Author Profile
-
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
मो .9304238302
Latest entries
सम्मानApril 20, 2026*47 बिहार बटालियन NCC कैंप में गूंजा ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प; युवाओं में चरित्र और नेतृत्व का संचार*
राजनीतीApril 20, 2026पटना में महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ उतरा महिलाओं का हुजूम*
साहित्यApril 19, 2026*लेखक और वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र कुमार सिन्हा की दूसरी पुस्तक ‘कायस्थ विरासत’ का पटना में गरिमापूर्ण विमोचन*
अध्यात्मApril 18, 2026*केरल: ‘लव जिहाद’ और मंदिरों के अधिग्रहण पर विहिप का कड़ा रुख, मिलिंद परांडे ने राज्य सरकार को घेरा*
