June 11, 2026

*देश के सरहद के रक्षक, माता-पिता के ‘श्रवण कुमार’: फ़ौजी बीकन गोस्वामी ने माता-पिता की सेवा में समर्पित किया जीवन*

 

 

*रविंद्र कुमार,संपादक की कलम से*

 

*”वो तीर्थ भी अधूरा है, वो इबादत भी अधूरी है,

जिस घर में माँ-बाप न हों, वो जन्नत भी अधूरी है।”*

*सफलता के हर शिखर पर, बस यही पैगाम रखना,

दुआएं उनकी साथ हों, तो हर मंजिल पूरी है।”*

बिहार के सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा (भूतही) निवासी और भारतीय नौसेना के पूर्व चीफ पेटी ऑफिसर (Ex-CPO) बीकन गोस्वामी ने इन पंक्तियों को हकीकत में जीकर दिखाया है।

बीकन गोस्वामी ने समाज के सामने एक ऐसी तस्वीर पेश की हैं, जो रिश्तों की मर्यादा और पुत्र धर्म की परिभाषा को नए सिरे से लिखता है।

​सेना से सेवानिवृत्त फौजी बीकन गोस्वामी आज अपने क्षेत्र में एक ‘आदर्श पुत्र’ और ‘कलयुगी श्रवण कुमार’ के रूप में पहचाने जा रहे हैं।

जहाँ आज के दौर में बुजुर्ग माता-पिता कई युवाओं के लिए बोझ बनते जा रहे हैं, वहीं बीकन गोस्वामी ने अपनी सफलता के हर सोपान को अपने माता-पिता— जीवश गोस्वामी और ईशरी देवी के चरणों में अर्पित कर दिया है।

**​मुंबई में अपने फ्लैट का माता-पिता के कर कमलो से उद्घाटन**

*​“महल चाहे कितना भी बड़ा हो,अगर उसमें बुजुर्गों का साया नहीं,तो वो पत्थर की दीवारें हैं, उनमें कोई घर समाया नहीं।”*

​गृह प्रवेश के दौरान जब उनके माता-पिता ने मुख्य द्वार का फीता काटा, तो उनकी आँखों में छलकते आँसू और चेहरे की मुस्कान बीकन के लिए जीवन की सबसे बड़ी मेडल और उपलब्धि बन गई। इस अवसर पर बीकन गोस्वामी ने कहा कि, ​”तीर्थ भी वहीं, जहाँ माता-पिता साथ हों, मेरे लिए माता-पिता ही धरती माता और भारतीय नौसेना की तरह उनकी ‘जान, शान और प्राण’ हैं।”

See also  पुनौराधाम, सीतामढ़ी में भव्य माता जानकी मंदिर का निर्माण शीघ्र पूरा कराने हेतु कृत संकल्पित हैं--नीतीश कुमार

गृह प्रवेश के दौरान मुख्य द्वार पर फीता काटते हुए बीकन गोस्वामी के माता-पिता ने कहा कि, ” आज के समय में बीकन जैसा श्रवण कुमार बेटा भगवान सबको दें”

**​नौसेना में वीरता और परिवार में समर्पण**

​बीकन गोस्वामी का नौसेना करियर जितना गौरवशाली रहा, उनकी पारिवारिक निष्ठा उतनी ही अनुकरणीय है। साल 2002 में वलसाड (गुजरात) में ड्यूटी के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए ड्रग्स और शराब की तस्करी कर रही नाव को पकड़ा और तीन तस्करों को पुलिस के हवाले किया। इस बहादुरी के लिए 15 अगस्त 2003 को उन्हें दिल्ली में ‘चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ कमेंडेशन’ से सम्मानित किया गया।

**​देश के हर कोने में कराई माता-पिता को ‘तीर्थ यात्रा’**

​बीकन गोस्वामी की पोस्टिंग जहाँ भी रही, उन्होंने अपने माता-पिता साये की तरह अपने साथ रखा l उन्होंने अपने माता-पिता को न केवल सुख-सुविधाएं दीं, बल्कि उन्हें देश के प्रमुख धार्मिक और दार्शनिक स्थलों का भ्रमण कराया:

**​मुंबई और विशाखापट्टनम: करियर के शुरुआती वर्षों में ही उन्होंने माता-पिता को मुंबई और विशाखापट्टनम की सैर कराई.

**​पुरी और कोलकाता: ओडिशा में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने पूरे परिवार को जगन्नाथ पुरी, कोलकाता में काली माता के दर्शन और गंगा सागर की यात्रा करवाई।

**​द्वारका: गुजरात प्रवास के दौरान उन्होंने भेंट द्वारका और मुख्य द्वारका के दर्शन कराए।

**​हवाई यात्रा: बीकन ने अपने माता-पिता को एक या दो बार नहीं, बल्कि 7 बार हवाई यात्रा (By Air) कराई, ताकि उन्हें बुढ़ापे में सफर की थकान न हो।

**माता-पिता की ​बीमारी में बने ढाल**

​जब माँ ईशरी देवी को विशाखापट्टनम में स्वास्थ्य संबंधी समस्या (मुंह में हवा लगना/लकवा जैसी स्थिति) हुई, तो बीकन ने अपनी तत्परता से INHS कल्याणी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों (Surg Capt सुरेश माल्या) से बेहतर इलाज कराकर उन्हें स्वस्थ किया। पिता के इलाज के लिए भी उन्होंने नौसेना के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों (INHS अश्विनी) में सेवा सुनिश्चित की।

See also  *प्रशांत किशोर का मंदिर में मुस्लिम उम्मीदवार के साथ प्रवेश निंदनीय : विहिप ने सार्वजनिक क्षमा याचना की मांग की*

**​समाज के लिए संदेश**

​आज सोनबरसा के लोग बीकन को ‘कलयुग का श्रवण कुमार’ कह रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि असली मेडल वर्दी पर लगे सितारों में नहीं, बल्कि माता-पिता की आँखों की चमक और उनके संतोष में छिपा है।

​​#ShravanKumar #BikanGoswami #IndianNavy #Inspiration #ParentsRespect #SitamarhiNews #BiharPride #RealHero #EmotionalStory

Author Profile

रविन्द्र कुमार
रविन्द्र कुमार
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
मो .9304238302

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *