*मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र भेजकर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग*

रविंद्र कुमार,संपादक/नई दिल्ली/15 दिसम्बर, 2025 :: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबर’ नामक एक विवादास्पद ऐतिहासिक शासक के नाम पर मस्जिद का निर्माण कराए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। विहिप ने आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें विधायक हुमायूं कबीर के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
** कानूनी कार्रवाई की मांग**
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मीडिया को जारी किए गए इस पत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि वे हुमायूं कबीर और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धार्मिक दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 299 (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) तथा कानून की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत FIR दर्ज करवाएं।

** ‘बाबरी मस्जिद’ नाम पर आपत्ति और विहिप का तर्क**
पत्र में विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने उल्लेख किया है कि इस मस्जिद का शिलान्यास 6 दिसंबर, 2025 को किया गया था और इसका नाम ‘बाबरी मस्जिद’ रखा जा रहा है।
श्री कुमार ने अपने पत्र में कहा कि बाबर भारत में मुगल वंश का संस्थापक था, जिसे हिंदू समुदाय एक विदेशी आक्रमणकारी और क्रूर शासक मानता है। उन्होंने बाबर के अत्याचारों का हवाला दिया, जिसमें उसकी आत्मकथा ‘बाबरनामा’ में दर्ज निम्नलिखित कृत्य शामिल हैं:
*बड़े पैमाने पर नागरिकों का नरसंहार।
*दहशत फैलाने के लिए “खोपड़ियों के टावरों” का निर्माण।
*आक्रमणों के दौरान धार्मिक स्थलों का विध्वंस।

विहिप ने जोर देकर कहा कि बाबर धार्मिक उत्पीड़न और हिंदू धार्मिक स्थलों, विशेषकर अयोध्या में उसके शासनकाल में निर्मित विवादित ढांचे से जुड़ा हुआ है। इसलिए, बाबर का नाम हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के संदर्भ में एक अत्यधिक संवेदनशील और विवादास्पद ऐतिहासिक व्यक्ति बना हुआ है।

** ‘जानबूझकर किया गया कृत्य’**
श्री आलोक कुमार ने तर्क दिया कि मस्जिद के लिए विवादास्पद नाम का चुनाव, निर्माण शुरू करने के लिए 6 दिसंबर की तारीख (जिस दिन अयोध्या का ढाँचा गिराया गया था) और विधायक हुमायूं कबीर के बयान स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यह एक जानबूझकर किया गया प्रतीकात्मक कार्य है।

पत्र में कहा गया है कि नामकरण का यह कार्य हिंदुओं के लिए अग्राह्य रूप से आपत्तिजनक है और इसमें धार्मिक दुश्मनी को बढ़ावा देने की सीधी प्रवृत्ति है, जो BNS की धारा 196 के दायरे में आता है। इसके अलावा, बाबर के नाम का उपयोग, बयानों के साथ मिलकर, हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला एक दुर्भावनापूर्ण कार्य है, जिसे BNS की धारा 299 के तहत अपराध माना जाना चाहिए।

**टीएमसी का निलंबन और सीएम की आलोचना**
विहिप ने यह भी संज्ञान लिया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस मामले में विधायक हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया है। उन्होंने कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम के बयान का उल्लेख किया, जिन्होंने कहा था, “हम धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत में विश्वास करते हैं। हमारी पार्टी के फैसले के अनुसार, हम विधायक हुमायूं कबीर को निलंबित कर रहे हैं।” विहिप ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सार्वजनिक रूप से इस कदम की आलोचना की है।
अंत में, श्री आलोक कुमार ने पश्चिम बंगाल सरकार से वर्तमान स्थिति की गहन जांच करने और विधायक श्री हुमायूं कबीर तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ कानून के अनुसार तत्काल FIR दर्ज करने का अनुरोध किया।
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