*अश्लीलता ने भोजपुरी संगीत की साख को नुकसान पहुंचाया है और इसके लिए गायक, लेखक के साथ-साथ श्रोता भी जिम्मेदार- भरत शर्मा व्यास*

*बिहार में लोक और शास्त्रीय संगीत की एक गौरवशाली परंपरा है जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए-रूबी*

*अश्लीलता बिहार के मनोरंजन उद्योग पर एक “धब्बा”- अरविंद रंजन दास*

रविंद्र कुमार,संपादक /पटना/22 अगस्त 2025 :: बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम द्वारा पटना के बिहार ललित कला अकादमी में “सिने संवाद” नामक से एक कार्यक्रम का आयोजन किया.
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगीत जगत में अश्लील गीतों के बोलबाले को रोकने के उपाय खोजना था।

कल गुरुवार को पटना में भोजपुरी गानों में बढ़ती अश्लीलता पर एक बड़ी चर्चा का आयोजन हुआ, जिसमें गीत संगीत और सिनेमा जगत से जुड़े कई हस्तियों ने हिस्सा लिया.
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लोक गायक भरत शर्मा व्यास थे, जो आज के समय में किसी परिचय के मोहताज नहीं है.

इस अवसर पर भोजपुरी लोक गायक भरत शर्मा व्यास ने कहा कि अश्लीलता ने भोजपुरी को बदनाम कर दिया है। उन्होंने न केवल गायकों और लेखकों को, बल्कि ऐसे गीतों को बढ़ावा देने वाले श्रोताओं को भी इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “तीस साल पहले भोजपुरी गानों में अश्लीलता नहीं थी। आज व्यूज़ की होड़ में लोग अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। यह सब बंद होना चाहिए।”
पटना में आयोजित एक परिचर्चा में भोजपुरी सितारों ने साफ-सुथरे गानों की मांग की।
अन्य वक्ताओं ने भी उनके विचार का समर्थन किया। कार्यकर्ता नंद कुमार तिवारी ने कहा कि गायकों और लेखकों को यह शपथ लेनी चाहिए कि वे कभी भी द्विअर्थी गीत नहीं लिखेंगे। फिल्म निगम की महाप्रबंधक रूबी ने कहा कि बिहार में लोक और शास्त्रीय संगीत की एक गौरवशाली परंपरा है जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अधिकारियों ने आगे कहा कि अच्छा संगीत अश्लील सामग्री के बिना भी पैसा, प्रसिद्धि और दर्शक ला सकता है।

फिल्म निगम के सलाहकार अरविंद रंजन दास ने अश्लीलता को बिहार के मनोरंजन उद्योग पर एक “धब्बा” बताया। उन्होंने कहा कि भोजपुरी संगीत को स्वच्छ बनाने और उसका खोया हुआ सम्मान वापस दिलाने के लिए कड़े कदम उठाने की ज़रूरत है। सिने संवाद कार्यक्रम, कार्यशालाओं, महोत्सवों और छात्रवृत्तियों के माध्यम से फिल्मों और संगीत को बढ़ावा देने के राज्य के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

“भोजपुरी सम्राट” के नाम से मशहूर भरत शर्मा व्यास हमेशा से ही अश्लील गानों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है और भोजपुरी कलाकारों से अपने संगीत की गरिमा की रक्षा करने का आग्रह करते रहे हैं।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता भरत शर्मा व्यास के अलावा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की महाप्रबंधक रूबी, सलाहकार अरविंद रंजन दास, नंद कुमार तिवारी, हीरो राजन कुमार भी शामिल थे। साथ ही कई भोजपुरी कलाकार और संगीत जगत के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जो अश्लीलता पर रोक और साफ-सुथरे गीतों के पक्ष में आवाज़ बुलंद कर रहे थे।

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