September 29, 2026

*पटना: AIWC ने छात्राओं को सिखाए सुरक्षा के सबक, POCSO अधिनियम और बाल अधिकारों पर दिया जोर*

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#न्यूज़हाईलाइट्स:

👍​आयोजन: ऑल इंडिया वीमेंस कॉन्फ्रेंस (AIWC), बिहार शाखा द्वारा पटना के राजकीय कन्या मध्य विद्यालय (लोक भवन) में बाल सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यक्रम।

👍​मुख्य विषय: बाल दुर्व्यवहार की रोकथाम, बाल अधिकार और POCSO अधिनियम, 2012 के प्रावधान।

👍न्यूज़ हाईलाइट्स (News Highlights)​रचनात्मक भागीदारी: कक्षा 5 से 8 की छात्राओं के लिए “आप किसके साथ 👍सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं?” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन।

👍​विशेषज्ञ मार्गदर्शन: गृह विभाग की विधि पदाधिकारी मेहा वर्मा द्वारा कानूनी अधिकार और डॉ. बिंदा सिंह द्वारा असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान पर मार्गदर्शन।

👍​तकनीकी माध्यम: ऑडियो-विजुअल (दृश्य-.श्रव्य) प्रस्तुति के जरिए बच्चों को सरल और प्रभावी ढंग से किया गया जागरूक।

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​ #न्यूज़हाईलाइट्स:

रविंद्र कुमार,संपादक/​पटना,28 सितंबर 2026 ::​ बाल यौन अपराध संरक्षण (POCSO) अधिनियम और बच्चों की सुरक्षा के प्रति समाज में चेतना जगाने के उद्देश्य से पटना स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, लोक भवन में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऑल इंडिया वीमेंस कॉन्फ्रेंस (AIWC), बिहार राज्य शाखा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय स्कूली छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और बाल दुर्व्यवहार से बचाव के तरीकों से अवगत कराना था।

​कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं के भीतर सुरक्षा की समझ परखने के उद्देश्य से आयोजित एक चित्रकला प्रतियोगिता से हुआ। कक्षा 5 से 8 तक की बालिकाओं ने “आप किसके साथ सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं?” विषय पर अपनी सोच को कैनवास पर उकेरा।

​सत्र के मुख्य वक्ताओं में शामिल बिहार सरकार के गृह विभाग की विधि पदाधिकारी सुश्री मेहा वर्मा ने बच्चों को POCSO अधिनियम, 2012 के विभिन्न कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि कानून उनके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या असुरक्षा की स्थिति में चुप रहने के बजाय सही माध्यम से आवाज उठाना आवश्यक है।

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​कार्यक्रम के दौरान डॉ. बिंदा सिंह ने बच्चों को दैनिक जीवन में संभावित असुरक्षित परिस्थितियों, संदिग्ध व्यवहार और “गुड टच व बैड टच” की पहचान करने के व्यावहारिक उपाय बताए। विषय को और अधिक सहज एवं सुग्राह्य बनाने के लिए एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसके माध्यम से छात्राओं ने बाल अधिकारों की बारीकियों को समझा।

​इस अवसर पर AIWC की ओर से डॉ. आशा त्रिपाठी, डॉ. मानसी पाण्डेय, चंदा राव, छाया चौबे, रीता सिंह समेत कई अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने खुलकर अपने सवाल पूछे, जिससे यह पूरा आयोजन अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।

🌹*​संपादकीय टिप्पणी*🌹

​स्कूली स्तर पर बाल अधिकारों और POCSO अधिनियम जैसे संवेदनशील विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता है। अधिकांश मामलों में बच्चे जागरूकता, हिचकिचाहट या सही मार्गदर्शन के अभाव में शोषण व उत्पीड़न का शिकार होकर भी मौन रह जाते हैं। AIWC द्वारा सरकारी विद्यालय की छात्राओं के बीच यह पहल सराहनीय है। जब बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसे साधनों की स्पष्ट समझ होती है, तब वे न केवल स्वयं की रक्षा करने में सक्षम बनते हैं बल्कि एक सुरक्षित समाज के निर्माण में भी भागीदार बनते हैं। इस तरह के आयोजनों को महज औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर सभी शैक्षणिक संस्थानों के नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

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रविन्द्र कुमार
रविन्द्र कुमार
प्रधान सम्पादक -(www.biharnews18.in)
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